Shopping Cart
Your Cart is Empty
Quantity:
Subtotal
Taxes
Shipping
Total
There was an error with PayPalClick here to try again
CelebrateThank you for your business!You should be receiving an order confirmation from Paypal shortly.Exit Shopping Cart

MATA KALAWATI COLLEGE OF SPECIAL EDUCATION

(COLLEGE CODE-UP020)

व्यक्ति विशेष

स्व०राजेश तिवारी का जन्म 29-7-1969 को सैदाबाद के प्राइमरी अध्यापक पं०राम चन्र्द तिवारी के यहाँ हुआ जन्म मे गरीबी परिवार मिला,पिता कॄष्ण मुरारी तिवारी स्वस्थ विभाग मे कार्यरत थे परन्तु रूडीवादी विचार होने के कारण पिता का भी साथ नही मिला एव॓ गरीबी ने और मजबूर किया,तिवारी ने 1986 मे राजकीय इन्टर कालेज इलाहाबाद से इन्टर किया तथा 1989 मे हडिया पालिटेक्निक से सिविल इंजिनीयरिँग मे डिप्लोमा का कोर्स करने के बाद ए०डी०ए० इलाहाबाद मे जुनियर इंजिनीयर पद पर नियुक्त हुए,1991 मे राजेश जी कर्क रोग से ग्रसित हो गये पिता के स्वभाव व गरिबी को देखते हुये वह रीवा मे तहसीलदार चाची माला त्रिपाठी से अपने कर्क रोग की चर्चा की परन्तु पूरे परिवार ने गम्भीरता से लेने के बजाये बिमारी का मजाक उडाया जिससे वह दुखी हुए और जिन्दगी से मोह भ॓ग कर लिया और फिर कभी अपनी बिमारी का जिक्र किसी से नही किया! 

स्व०राजेश जी ने भारत मे॓ विकला॓गता की दर को बड़ते हुये देख 1991 मे॓ सरकारी नौकरी से त्याग पत्र दे कर 25 नवम्बर 1991 को स॓स्था पुर्वाचल खादी ग्रामोद्योग विकास समिति का निर्माण किया एव॓ बची जिन्दगी विकला॓गो को पुर्नवासित करने बितायी, इसी दरमियान मीरा कुमार जी से मुलाकात हुयी, मीरा कुमार जी ने राजेश जी के साथ एक याद साझा की,मीरा कुमार जी कहा कि - मेरी माँ ने 1949-50 मे दिल्ली स्टेशन से 6-7 बुजुर्ग लोगो को लेकर प्रझान संस्था बनायी और उन बुजुर्गो का पालन किया,जिसका लाभ माँ को हुआ,राजेश जी ने मीरा कुमार जी की बातों को ध्यान से सुना ही नही बल्की महशूस किया और जिस काम के लिए मीरा कुमार जी के पास गये थे उसको भूल गये और इलाहाबाद आ कर मीरा जी के बातोँ का आत्ममंथन करने लगे और अकेले ही विकगंता मुक्त भारत बनाने का संकल्प कर लिया,स्व०तिवारी ने 1995 मे॓ स्व वित्त पोसित ग्रामीण विकला॓ग विद्यालय की स्थापना झूसी मे 7-8 विकला॓ग बच्चो के साथ की जो आज भी स्व वित्त पोसित है, राजेश जी को कार्य को करने मे बडी-बडी विसम परिस्तिथि का सामना करना पडा परन्तु राजेश जी की लगन ने अपने लच्छ के प्रति और अडिग किया !

2005 मे स्व राजेश जी ने विकलांता एवं पुर्नवास के छेत्र मे कोर्स चलाने हेतु आ०सी०आई० चेयरमैन मेजर आलुवालियाँ जी से मुलाकात की,आलुवालियाँ जी ने बी०एड०एच०ई० कोर्स चलाने की सलाह देते हुए डा० जे०पी०सिहं सद्स्य सचिव RCI से मिलने के लिए कहा,डा० जे०पी०सिहं जी ने स्व राजेश जी को बी० एड०एच०ई० कोर्स चलाने की अनुमति दे दी परन्तु कोर्स हेतु 5 बीघे जमीन का मानक,गरिबी के चलते राजेश जी पूरा नही कर पाये परन्तु हार नही मानी पुन: डा० जे०पी०सिहं जी से मुलाकात की,डा० जे०पी०सिहं जी ने 8Dec.2006 को डी०एस०सी०एच०आई० कोर्स चलाने की अनुमति दे दी,इस बीच वी०पी० शाह जी से मुलाकात हुयी,शाह जी ने डी०एस०सी०एच०आई० कोर्स चलाने हेतु सुझाव व साथ भी दिया !

22 जून 2008 को राजेश जी का कर्क रोग से निधन हो गया

आज स्व राजेश जी के द्बारा स्थापित संस्थान मे “माता कलावती कालेज आफ स्पेशल एजुकेशन,राजेश तिवारी पुर्नवास केन्र्द , ग्रामीण विकलांग विद्यालय,विकलांग लघु उद्योग ,शोध केन्र्द” निरन्तर चल रहे है,जिससे,विकलांग बच्चों की निशुल्क शिक्षा,विशेष अध्यापक,लोगो का पुर्नवास,चिकित्सा एव॓ शिक्षा तथा 1000लोगो को विकलांग लघु उद्योग के माध्यम से रोजगार दिया जा चुका है

जबकि भारत सरकार द्बारा शिक्षा का अधिकार प्रस्तव 2010 मे स॓सद की पटल पर आया और. मार्च 2013 मैं समाप्त हो गया,पर संस्थान द्बारा स्थापित 1995 मे॓ स्व वित्त पोसित ग्रामीण विकला॓ग विद्यालय आज भी निशुल्क शिक्षा दे रही है!

0